जिन आंखों ने सपने देखे, नीर बहायेंगे ही, तेरे मेरे बीच के किस्से दूर तो जाएंगे ही जिन आंखों ने सपने देखे, नीर बहायेंगे ही, तेरे मेरे बीच के किस्से दूर तो जाएंग...
कहीं हो ना जाए हमसे ऐसी कोई नादानी। कहीं हो ना जाए हमसे ऐसी कोई नादानी।
बरगद के नीचे बैठकर, पंचायत हो जाती थी। बरगद के नीचे बैठकर, पंचायत हो जाती थी।
बहुत कम हैं जिंदगी और मौत का फासला ! बहुत कम हैं जिंदगी और मौत का फासला !
जब भी कोई रोता बच्चा लोरी या मृदु थाप हुआ मैं। बंद हुआ अब सैर-सपाटा गृहस्थी का परिमाप हुआ मैं। जब भी कोई रोता बच्चा लोरी या मृदु थाप हुआ मैं। बंद हुआ अब सैर-सपाटा गृहस्थी...
दिल कुछ और दिन के लिए वहीं रुक जाता है। दिल कुछ और दिन के लिए वहीं रुक जाता है।